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DAINIK JAGRAN

1.

भारत ने पाकिस्तानियों को दिए सभी वीजा किए रद

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा पर केंद्रीय मंत्रिमंडल (सीसीएस) को बुधवार रात हुई बैठक में लिए गए पांच फैसलों के बाद भारत ने गुरुवार को एक और बड़ा फैसला किया। इसके तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए सभी तरह के भारतीय वीजा रद कर दिए गए हैं। पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल, 2025 तक भारत छोड़ने को कहा गया है। मेडिकल वीजा पर आए पाक नागरिकों को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है। पाकिस्तान में रहने वाले सभी भारतीयों को भी स्वदेश लौटने के लिए कहा गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की अध्यक्षता में वहां भी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत के खिलाफ कई निर्णयों की घोषणा की गई।


2.

सिंधु समझौता रद हुआ तो जम्मू-कश्मीर बनेगा देश का पावर हाउस

पहलगाम में पर्यटकों के नरसंहार के बाद केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 1960 के सिंधु जल समझौते को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इससे भले ही कोई तात्कालिक फायदा नहीं दिखे, लेकिन एक बार भारत इस पानी के उपयोग को लेकर आधारभूत ढांचा विकसित कर ले तो पाकिस्तान बूंद-बूंद को तरसेगा। साथ ही जम्मू-कश्मीर देश का पावर हाउस बनने के साथ वहां और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों का जल का संकट भी समाप्त हो सकता है।


3.

कागज में मलेरिया से नहीं होती मौतें, हकीकत अभी दूर

मलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम के तहत कागज में अब यह बीमारी खास जानलेवा नहीं रही। इस वजह से दिल्ली में मलेरिया से हर वर्ष मौतें भी नहीं होतीं। किसी-किसी वर्ष में एक मरीज की मौत हो जाती है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनबीबीडीसीपी) का रिकार्ड कुछ यही कहानी बयान कर रहा है, लेकिन हकीकत अभी इससे दूर हैं। इसलिए मच्छरों की रोकथाम कर दिल्ली सहित देश को मलेरिया मुक्त बनाना अब भी चुनौती बना है।


4.

कितना पानी रोक सकता है भारत

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के वाद सिंधु जल समझौता निलंवित करके पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। इस कदम के जरिये भारत ने सीधे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर चोट की है। आइये जानते हैं कि क्या हमारे पास वह जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर है जिसके जरिये हम पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोक सकते हैं और इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कैसे प्रभावित होगी? 


5.

अरब सागर में भारत की मध्यम दूरी की मिसाइल ने भेदा लक्ष्य

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के 48 घंटे के भीतर अरब सागर में भारतीय नौसेना ने विध्वंसक युद्धपोत आइएनएस सूरत से मध्यम दूरी की मिसाइल का सफल परीक्षण कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआर-एसएएम) की मारक क्षमता लगभग 70 किलोमीटर है।


6.

व्यापार खत्म करने से पाकिस्तान में दवाएं और चीनी होगी महंगी

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से सिंधु जल संधि समाप्त करने को घोषणा के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार खत्म करने का एलान किया है, लेकिन इससे भारत को नहीं बल्कि पाकिस्तान को ही नुकसान उठाना पड़ेगा। पाकिस्तान इन दिनों भारत से मुख्य रूप से केमिकल्स, दवाएं और चीनी जैसी वस्तुओं की खरीदारी करता है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डालर का निर्यात किया था, जबकि भारत ने पाकिस्तान से सिर्फ 28 लाख डालर का आयात किया था। भारत से व्यापार खत्म करने पर पाकिस्तान में दवाओं, केमिकल्स व चीनी की कीमत बढ़ सकती है। 


7.

बौखलाहट में शिमला समझौता रद कर अपने ही हाथ जलाएगा पाकिस्तान

सिंधु समझौता निलंबित करने सहित भारत को सख्त कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान शिमला समझौता रद करने की धमकी दे रहा है। पड़ोसी मुल्क के कूटनीतिक सलाहकार इसे भले ही भारत पर जबाबी बार के रूप में देख रहे हों, लेकिन पाकिस्तान का यह कृत्य अपने हाथों से अपना मुखौटा नोंचने वाला साबित हो सकता है। जानकार मानते हैं कि अधिकृत रूप से शांति वार्ता की राह छोड़कर पाकिस्तान विश्व बिरादरी के सामने भारत के उस आरोप पर स्वयं मुहर लगा देगा कि भारत सरकार तो आपसी रिश्तों को सुलह-शांति से सुलझाने के लिए कई प्रयास कर चुकी है, लेकिन पाकिस्तान इसमें विश्वास नहीं रखता। वैसे भी पाकिस्तान खुद कभी शिमला समझौते के तहत शांति के प्रति समर्पित नहीं रहा, जबकि भारत के अंदर बहुतों का मानना रहा है कि 1972 में शिमला समझौता भारत के लिए नुकसानदेह ही रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत भाजपा के कई के नेता शुरूआत में खुलकर इसकी आलोचना भी करते रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार चूंकि एक प्रधानमंत्री ने समझौता किया था तो उसका सम्मान किया जाना स्वाभाविक है लेकिन उस समझौते से हमें कोई लाभ नहीं हुआ। 


8.

यूजीसी रैगिंग और यौन उत्पीड़न पर अधिसूचित करे मसौदा नियम : कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग, यौन उत्पीड़न और जाति, लिंग, अक्षमता समेत अन्य आधार पर भेदभाव को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा तैयार किए गए मसौदा नियम 2025 को अधिसूचित करने अनुमति दे दी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की पीठ ने मार्च 24 के उस फैसले का संज्ञान लिया जिसमें ऐसे संस्थानों में होने वाली आत्महत्या के मामलों को देखते हुए छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य की चिंताओं को दूर करने और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स गठित करने के आदेश दिए थे। 


9.

नवाचार से खुलेगा बेहतरी का रास्ता

मानव जीवन में नवोन्मेष और रचनात्मकता का अहम स्थान है। भौतिक ही नहीं, मानसिक बेहतरी के मार्ग भी नए विचारों और नवाचारों से ही बल पाते हैं। यही वजह है कि कलात्मक, साहित्यिक, तकनीकी या वाणिज्य, हर क्षेत्र में ही श्रम और विचारशीलता से अर्जित की गई उपलब्धियों से जुड़े कुछ अधिकार और संरक्षण से जुड़े प्रयास आवश्यक होते हैं। विश्व बौद्धिक संपदा दिवस आविष्कारों, अधिकारों और नवाचारों के इसी पक्ष से जुड़ा विशेष दिन है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बौद्धिक संपदा जुड़े अधिकारों के बारे में जन-जागरूकता लाना है। ध्यातव्य है कि वर्ष 2025 के लिए विश्व बौद्धिक संपदा दिवस की थीम 'आइपी और संगीत-आइपी की धड़कन को महसूस करें' रखी गई है। यह विषय संगीत उद्योग में बौद्धिक संपदा से जुड़े अधिकारों की महत्व को समझने पर केंद्रित है। संगीत के क्षेत्र में नई रचनाओं को लेकर कापीराइट का मुद्दा अक्सर सामने आता है 


10.

पानी के माध्यम से पाकिस्तान पर प्रहार

सितंबर, 1960 में सिंधु जल संधि तहत भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के जल बंटवारे का समझौता हुआ था। इस समझौते पर तबके प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे। यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। इसके अंतर्गत पाकिस्तान से पूर्वी क्षेत्र की तीन नदियों व्यास, रावी और सतलुज की जल राशि पर नियंत्रण भारत के सुपुर्द किया गया था और पश्चिम की नदियों सिंधु, चिनाब व झेलम पर नियंत्रण की जिम्मेदारी पाक को सौंपी गई थी। इसके तहत, भारत में बहने वाली इन छह नदियों का 80 प्रतिशत यानी 167.2 अरब घन मीटर पानी पाकिस्तान को हर साल दिया जाता है। जबकि भारत के हिस्से में केवल 20 प्रतिशत पानी ही शेष रह जाता है। 


11.

एआइ की दौड़ में आगे बढ़े देश

पिछले वर्ष वर्ष मार्च में भारत ने अपने 'एआई मिशन' से जुड़ी कई नीतियों की घोषणा की। उम्मीद की जा रही है कि आगामी आठ माह के भीतर भारत का अपना एआइ माडल लांच हो जाएगा। पिछले साल भर से सरकार इस दिशा में सोच रही है कि हम अलग अलग स्तर पर कई प्रयास करें, ताकि कोई न कोई एक ऐसी बड़ी सफलता हाथ लग जाए जो भारत को वैश्विक एआइ के मानचित्र पर एक विश्वसनीय खिलाडी के रूप में स्थापित कर सके। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के एआइ मिशन की तुलना अगर 'नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन आफ इंडिया' (एनपीसीआइ) से करें, तो उसका उद्देश्य स्पष्ट था कि हमें डिजिटल भुगतान के लिए एक सुरक्षित भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। यह लक्ष्य हासिल भी किया जा चुका है, लेकिन एआइ को लेकर कहां जाना है इसे लेकर अभी स्पष्ट लक्ष्य तय नहीं किए गए हैं। 


12.

इस्पात जैसे मजबूत भारत' के लिए जुटें उद्योग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को उद्योग जगत से 'मजबूत, हितकारी बदलावों को तेजी से आगे बढ़ाने वाला और इस्पात जैसा सुदृढ़ भारत' बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने को कहा। प्रधानमंत्री ने इंडिया इस्पात 2025 कार्यक्रम को 'आनलाइन' संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश को कच्चे माल की सुरक्षा के लिए अपनी वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता है।


13.

भारत के 2047 के विजन का लक्ष्य देश को नवाचार, सतत विकास के केंद्र में है बदलना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि 2047 तक भारत का लक्ष्य देश को नवाचार, सतत विकास और समावेशिता के केंद्र में बदलना है, जहां हर नागरिक उच्च गुणवत्ता वाला जीवन जी सके। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उ‌द्घाटन सत्र में उनका संदेश पढ़ा गया। इसमें उन्होंने कहा कि यह बिजन केवल आर्थिक प्रकृति का नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ ही नवाचार और आधुनिकता को अपनाने पर गर्व भी करता है। स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) की इकाई स्वदेशी शोध संस्थान ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से सम्मेलन का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य 2047 तक की भारत की विकास यात्रा के लिए दूरदर्शी रणनीतिक मार्ग तैयार करना है। 


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