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1.
यूनिवर्सिटी आफ ह्यूस्टन और हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) के संयुक्त अध्ययन में भारत के पूर्वी समुद्री तट के तटीय बेसिनों में लगभग 24 अरब बैरल हाइड्रोकार्बन क्षमता होने का अनुमान लगाया गया है। यह मुख्य रूप से महानदी और बंगाल तटीय बेसिनों से संबंधित है, जहां दो प्रमुख स्रोतों (अपर क्रिटेशस और पेलियोसीन-ईओसीन) की पहचान की गई है। शोधकर्ताओं ने इन स्रोतों के पास ड्रिलिंग के लिए तीन प्रमुख संभावनाओं और कई हाइड्रोकार्बन ट्रैप्स की पहचान की है।
2.
पुणे स्थित आटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन आफ इंडिया (एआरएआइ) के नेतृत्व में चार संस्थानों का समूह-आइआइटी दिल्ली, ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) और आइआइटीएम पुणे, दिल्ली समेत एनसीआर के लिए एक नई उत्सर्जन सूची और स्रोत निर्धारण अध्ययन तैयार करेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने इस अध्ययन व सूची में 2026 को आधार वर्ष मानते हुए प्रमुख प्रदूषणकारी क्षेत्रों को कवर करने के लिए उत्सर्जन का मानचित्रण करने का निर्देश दिया है।
3.
लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन सम्मेलन के दूसरे दिन निर्वाचन आयोग ने दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों के सामने ईसीआइ नेट के नए यूनिफाइड संस्करण को प्रदर्शित किया। यह आयोग के 40 से ज्यादा एप और पोर्टल को एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराता है।
4.
भारत की तीनों सेनाओं- थल सेना, नौसेना और वायु सेना को भविष्य के युद्ध के लिए तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को 'मिलिट्री क्वांटम मिशन पालिसी फ्रेमवर्क' नामक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज सेना में क्वांटम तकनीकों को चरणबद्ध तरीके से शामिल करने की नीति और रोडमैप तय करता है।
5.
देश में इस बार मानसून को लेकर चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जून के मध्य या इसके बाद प्रशांत महासागर में अलनीनो सक्रिय हो सकता है, जिसका सीधा असर भारत में मानसूनी वर्षा पर पड़ने की आशंका है। अलनीनो की स्थिति बनने पर आमतौर पर देश में वर्षा कम होती है और गर्मी बढ़ जाती है। आस्ट्रेलिया के मौसम विभाग (ब्यूरो आफ मेट्रोलाजी) के अनुसार, फिलहाल प्रशांत महासागर में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है।
6.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान ने भारतीय महिलाओं के साहस को भी जगाया। 1943 में सिंगापुर के पदांग मैदान में उनके संबोधन ने मलाया की तमिल भारतीय महिलाओं को गहराई से प्रभावित किया, जिनमें से कई ने रबर बागानों में कठिन जीवन जिया था। भारत को कभी न देखने के बावजूद, लगभग एक हजार महिलाओं ने रानी झांसी रेजीमेंट के लिए स्वेच्छा से नाम लिखा। डा. लक्ष्मी स्वामीनाथन (कैप्टन लक्ष्मी सहगल) की वीरता व्यापक रूप से जानी जाती है, लेकिन जानकी थेवर, अंजलाई पोन्नुसामी और रसम्माह भूपालन का योगदान भी उतना ही प्रेरक है।
7.
हाल्न में दुनिया की सबसे लंबी और देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया। यह अत्याधुनिक प्रदूषणमुक्त ट्रेन हरियाणा में सोनीपत-जींद रूट पर 110 से 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। इसमें न तो डीजल का उपयोग होगा, न कार्बन उत्सर्जन होगा और ध्वनि प्रदूषण भी शून्य के बराबर रहेगा। जर्मनी, स्वीडन, जापान और चीन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन की सुविधा वाला विश्व का पांचवां देश बन गया है।
8.
हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में जिस प्रकार की सैन्य रणनीतिक कार्रवाई की गई, उसने वैश्विक एजेंडे में एक स्पष्ट बदलाव को उजागर कर दिया है। इसका सीधा प्रभाव यह हुआ कि एक तो यूक्रेन युद्ध अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का वैसा केंद्रीय मुद्दा नहीं रहा, जैसा वह 2022-23 के दौरान था। दूसरा, वेनेजुएला पर अमेरिकी हस्तक्षेप ने यह संकेत दिया कि वाशिंगटन अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्निर्धारित कर रहा है।
9.
यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप के रणनीतिक सोच में गहरा बदलाव आया है। रूस पर निर्भरता, विशेषकर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में, यूरोप के लिए एक बड़ी कमजोरी बनकर उभरी है। ऐसे में जर्मनी जैसे देश के लिए भारत एक स्वाभाविक विकल्प के रूप में सामने आया है। क्योंकि भारत ऐसा देश है जो राजनीतिक रूप से स्थिर है, आर्थिक रूप से विस्तारशील और सामरिक रूप से स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता रखता है।
10.
सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है कि अभी बिजली सेक्टर में जिस तरह से सब्सिडी दी जा रही है और मुफ्त बिजली की राजनीति हो रही है, वह ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। इसी तरह उद्योग जगत को महंगी बिजली बेचकर कुछ दूसरे वर्ग को लागत से भी कम कीमत पर बिजली देने की परंपरा पर भी विराम लगेगा। इस बात की जानकारी बुधवार को बिजली मंत्रालय की तरफ से जारी राष्ट्रीय ऊर्जा नीति (एनईपी) 2026 के मसौदे में दी गई है। यह मसौदा बिजली संशोधन विधेयक, 2026 का आधार बनेगा।
11.
पिछले साल यानी 2025 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) 73 प्रतिशत बढ़कर 47 अरब डालर रहा। इस दौरान मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र में विदेशी निवेश आया, जिसमें वित्त, सूचना-प्रौद्योगिकी (आइटी) और रिसर्च एंड डेवलपमेंट शामिल है।
12.
नीति आयोग के अनुसार भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए जीडीपी को लगभग 30 ट्रिलियन डालर तक पहुंचाना होगा और प्रति व्यक्ति आय 18,000 डालर प्रतिवर्ष तक लानी होगी, जो वर्तमान जीडीपी से लगभग 9 गुना अधिक है। इसके लिए निवेश जीडीपी अनुपात को 40 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा और औसत विकास दर को 8-9 प्रतिशत पर बनाकर रखना होगा। यानी 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें जिस उच्च विकास दर की जरूररत है वह कारोबार के लिए अनुकूल, पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल तैयार किए बिना संभव नहीं है।
13.
भारत के लिए बांग्लादेश में अमेरिका व चीन की बढ़ती सक्रियता कई कारणों से गंभीर चिंता का विषय है। सबसे पहले, बांग्लादेश भारत का निकटतम पड़ोसी है, जिसके साथ 4,000 किमी से अधिक की सीमा साझा है। यहां की अस्थिरता सीधे भारत की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है, जैसे कि सीमा पार आतंकवाद, शरणार्थी संकट या जल संसाधनों (जैसे तीस्ता नदी) पर विवाद। दूसरा, चीन की 'स्ट्रिंग आफ पर्ल्स' रणनीति के तहत बांग्लादेश में बढ़ता प्रभाव भारत को घेरने का काम कर सकता है।
14.
स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच के कार्यक्रम से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपनी बहुचर्चित-महात्वाकांक्षी शांति परिषद (बोर्ड आफ पीस) के गठन की घोषणा कर दी। इस परिषद से अभी अन्य प्रमुख देशों ने दूरी बनाई हुई है लेकिन करीब तीन दर्जन देश ट्रंप की इस पहल में उनके साथ आए हैं। रूस ने इसमें शामिल होने पर विचार करने की बात कही है।
15.
अमेरिका आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर निकलने वाला है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे अमेरिका, विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया के लिए खतरा पैदा होगा। यह एक अमेरिकी कानून का उल्लंघन भी है, जिसके तहत वाशिंगटन को संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी को देय 26 करोड़ डालर चुकाना होगा।
16.
विश्व आर्थिक मंच के सालाना शिखर सम्मेलन में भारतीय दल का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा, भारत आर्थिक परिदृश्य के सभी क्षेत्रों में साझेदारी के लिए तैयार है। कहा, वैश्विक कर्ज से जुड़ी चिंताओं के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है।
17.
ग्रीनलैंड को अमेरिकी प्रभुत्व में बताते हुए ट्रंप ने कहा, अमेरिका यहां गोल्डेन डोम स्थापित करने पर 175 अरब डालर खर्च करेगा। ये एक मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जिसके 2029 तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। ट्रंप का 'गोल्डेन डोम' कोई मशीन नहीं, बल्कि कई तकनीकों का एकीकरण है। इस सिस्टम से जुड़े अंतरिक्ष में घूमते सैकड़ों सैटेलाइट दुश्मन की मिसाइल लांच होते ही उसे पकड़ लेंगे। यह सिस्टम उन मिसाइलों को भी मार गिराने के लिए बना है जो आवाज से पांच गुना तेज चलती हैं। यह एआइ से लैस ड्रोनों के झुंड को भी हवा में ही खत्म कर सकता है।
18.
संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि प्रकृति के संरक्षण के मुकाबले उसे नष्ट करने पर दुनिया धन की भारी बर्बादी कर रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा गुरुवार को जारी की गई 'द स्टेट आफ फाइनेंस फार नेचर 2026' रिपोर्ट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के बीच के खतरनाक असंतुलन को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया प्रकृति को बचाने के लिए जितने पैसे निवेश कर रही है, उससे 30 गुना ज्यादा पैसा उसे नष्ट करने पर बर्बाद कर रही है।

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