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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

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DAINIK JAGRAN

1.

ट्रेड डील से दालें बाहर, 500 अरब डालर की खरीद भी जरूरी नहीं

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर जो सहमति बनी है, उसमें अमेरिका से दाल आयात करने की कोई बात नहीं है। यह बात व्हाइट हाउस की तरफ से मंगलवार को देर शाम व्यापार समझौते पर जारी संशोधित संक्षिप्त ब्योरे (फैक्ट शीट) से साफ होती है। एक दिन पहले व्हाइट हाउस ने जो फैक्ट शीट जारी की थी, उसमें कहा था कि भारत दाल पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। नए ब्योरे में यह नहीं है। इसी तरह पहले व्हाइट हाउस की तरफ से यह दावा किया गया था कि भारत अमेरिका से अगले पांच वर्षों में 500 अरब डालर के उत्पादों की खरीद करने को प्रतिबद्ध है। लेकिन, अब कहा गया है कि भारत खरीदने का इरादा रखता है, यानी कोई बाध्यता नहीं है।


2.

अब गाने होंगे वंदे मातरम् के सभी छह छंद

केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् गाना अनिवार्य होगा। वंदे मातरम् और जन गण मन जब एक साथ गाया जाएगा, तो वंदे मातरम् के सभी छह छंद पहले गाए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने इस सिलसिले में एक दिशा-निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक समारोहों में वंदे मातरम् के सभी छह छंद गाए जाएं। 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि जन गण मन भारत का राष्ट्रगान होगा, जिसमें सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार परिवर्तन किए जा सकते हैं। यह भी निर्णय लिया गया कि वंदे मातरम्, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है, हमारा राष्ट्रगीत होगा और इसे जन गण मन के बराबर ही दर्जा प्राप्त होगा। वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी।


3.

वीबीएसए बिल की जांच के लिए संसदीय समिति, पुरंदेश्वरी होंगी अध्यक्ष

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक की जांच करने के लिए भाजपा सदस्य डा. पुरंदेश्वरी की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इसके जरिये उच्च शिक्षा नियामक स्थापित करने का प्रयास करना है।


4.

महिलाओं के आनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ सरकार और सख्त

सरकार ने इंटरनेट मीडिया और डेटिंग एप्लिकेशन समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों के बढ़ते दुरुपयोग पर ध्यान देते हुए और सख्त रुख अख्तियार किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आनलाइन लैंगिक हिंसा से निपटने के लिए गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ निकट समन्वय में काम कर रहा है। इसमें पहचान की चोरी, फर्जी प्रोफाइल का दुरुपयोग, अश्लील सामग्री का प्रसार, गैर-सहमति से अंतरंग चित्र (एनसीआइआइ) और डीपफेक शामिल हैं। इसका समाधान अंतर-मंत्रालयी परामर्श, सलाह, नियामक उपायों और पीड़ित सहायता तंत्र के माध्यम से किया जा रहा है।


5.

कृषि सहकारी समितियों की स्थापना में तेजी, 27 प्रतिशत लक्ष्य हासिल

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2024-25 और 2025-26 के दौरान देशभर में अब तक 8,710 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) की स्थापना की गई है, जिससे निर्धारित लक्ष्य का 27 प्रतिशत हासिल हुआ है। शाह ने बुधवार को राज्यसभा में अपने लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने 2024-25 और 2025-26 वित्तीय वर्षों के दौरान 32,752 पीएसीएस बनाने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य के मुकाबले अब तक कुल 8,710 पीएसीएस का गठन किया गया है, जो कि इन दो वर्षीय अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 27 प्रतिशत की उपलब्धि को दर्शाता है।


6.

गंगा सहित अधिकांश नदियां संक्रमित, झील-भूजल भी बने एएमआर के वाहक

गंगा और यमुना सहित देश की अधिकांश नदियां अब मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े अदृश्य खतरे में बदलती जा रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में नदियां, झीलें और भूजल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) के बड़े वाहक व स्थायी भंडार बन चुके हैं। डब्ल्यूएचओ-यूएनईपी की 'एनवायरनमेंटल डायमेशन्स आफ एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' रिपोर्ट के अनुसार यूरोप, जापान और उत्तरी अमेरिकी देशों में 80 से 95 प्रतिशत शहरी अपशिष्ट जल का उन्नत उपचार होता है, जबकि भारत में 72 प्रतिशत अपशिष्ट जल बिना किसी प्रभावी उपचार के सीधे नदियों, झीलों और भूजल में प्रवाहित हो रहा है।


7.

डिजिटल नवाचार से आर्थिकी को विस्तार

देश में' आरेंज इकोनमी' को विकसित करने के लिए इस बार बजट में 250 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कामिक्स (एवीजीसी) सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। वैसे ऊपरी तौर पर यह विचार एक फैशनेबल टर्म जैसा दिख रहा है कि सरकार प्रचलित फैशन से प्रेरितहोकर कोई ऐसी पहलकदमी करना चाहती है, जो ऐसे उपायों से उसे चर्चा में बनाए रखें। परंतुइस पहल को यदि देश के आर्थिक सोच में आ रहे बदलाव के रूप में देखें, तोइसके कुछ नए अर्थ समझ में आते हैं


8.

सेस और सरचार्ज में राज्यों की हिस्सेदारी नहीं

केंद्र के सकल कर राजस्व में सेस और सरचार्ज दोनों शामिल होते हैं और जब सेस और सरचार्ज को हटा दिया जाता है तो वह नेट प्रोसिड कहलाता है। नियम के मुताबिक उस नेट प्रोसिड का 41 प्रतिशत राज्यों को दिया जाता है। सेस शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मद में एक खास मकसद के लिए लिया जाता है। कोई भी राज्य केंद्र के पास इस प्रकार का प्रस्ताव लेकर आते हैं तो केंद्र सहयोग करता है। इस बार के बजट में मेडिकल हब, एजुकेशन हब, विशेष प्रकार के निर्माण क्लस्टर, मेगा टेक्सटाइल पार्क की घोषणा की गई है।


9.

आज जारी होंगे नई श्रृंखला पर आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े

सरकार गुरुवार को नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) श्रृंखला के आधार पर जनवरी माह के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े जारी करेगी। इस श्रृंखला में हवाई किराया, ई-कामर्स प्लेटफार्म पर कीमतों और ओटीटी प्लेटफार्मों के सब्सक्रिप्शन शुल्क में उतार-चढ़ाव को भी शामिल किया जाएगा। आधार वर्ष 2024 वाली नई सीपीआइ श्रृंखला में 358 वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया गया है जबकि 2012 आधार वर्ष की पुरानी श्रृंखला में 299 मदों को रखा गया था।


10.

वैश्विक निवेश आकर्षित कर रहा है भारत का समावेशी एआइ माडल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ एक टेक्नोलाजी स्टोरी नहीं है। यह एक पावर स्टोरी है। जैसे-जैसे देश एडवांस्ड एआइ सिस्टम बनाने की रेस में आगे बढ़ रहे हैं, वे इनोवेशन और गवर्नेस के प्रतिस्पर्धा वाले माडल भी बना रहे हैं। अमेरिका टेक स्पीड और बाजार प्रभुत्व पर दांव लगा रहा है। चीन एआइ को देश की रणनीति में शामिल कर रहा है। अब सर्वम एआइ के लांच के साथ भारत एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।


11.

भारत के साथ एफटीए से ब्रिटेन को बढ़त : ब्रिटिश संसद

ब्रिटेन की सरकार ने तेजी से उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करके अपने कदम को बढ़त वाला और लाभकारी बताया है। उसने यूरोपीय यूनियन (ईयू) से पहले भारत के साथ एफटीए किया है। ब्रिटेन ने पिछले साल जुलाई में एफटीए किया तो ईयू ने भारत के साथ गत जनवरी में नई दिल्ली में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।


12.

भारत एआइ कौशल प्रसार और भर्ती में वैश्विक सूचकांक में शीर्ष पर

भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) कौशल के प्रसार और भर्ती के क्षेत्र में वैश्विक सूचकांक में शीर्ष स्थान पर है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संस्थान द्वारा तैयार किए गए 2026 ग्लोबल वाइब्रेंसी इंडेक्स (जीवीआइ) में भारत आर्थिक प्रतिस्पर्धा में दूसरे स्थान पर है। इस श्रेणी में केवल अमेरिका का स्कोर बेहतर है।


13.

पोलैंड और इटली ट्रंप के बोर्ड आफ पीस में नहीं होंगे शामिल

पोलैंड और इटली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित बोर्ड आफ पीस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने सरकारी बैठक में कहा, मौजूदा हालात और बोर्ड की संरचना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उठी शंकाओं के कारण पोलैंड इसमें शामिल नहीं होगा, हालांकि वह इसके प्रस्ताव का विश्लेषण करता रहेगा। वहीं, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने कहा कि देश का संविधान किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था में समान शर्तों पर शामिल होने की अनुमति देता है।


14.

अंतरिक्ष मलबे भी बनेंगे उड़ानों में देरी की वजह

वर्तमान में खराब मौसम, तकनीकी खराबी या औद्योगिक हड़ताल के कारण उड़ानें अक्सर विलंबित हो जाती हैं। लेकिन भविष्य में अंतरिक्ष से आने वाला मलबा भी उड़ानों में देरी के लिए एक प्रमुख वजह बन सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स के एक नए शोध में इसे लेकर चेतावनी दी गई है। शोधकर्ताओं के अनुसार उपग्रहों से निकलने वाला मलबा विमानों के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। 


15.

हेपेटाइटिस बी के निदान तक पहुंच बढ़ाने को विश्व का पहला फिंगरस्टिक परीक्षण

आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है। यह अध्ययन जर्नल आफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ।


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